हिन्दी का एक पाठ्यपुस्तक

प्रस्तुतश्रृंखला की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

पाठ से : में प्रस्तावना, प्रतिबिंब, परिकल्पना के द्वारा पाठ के मूल विषय से संबंधित जानकारी दी गई है, जिससे विद्यार्थियों की वैचारिक क्षमता एवं बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

पाठ से सीखा : पाठ से सीखा में विद्यार्थियों को पाठ से संबंधित जीवन की अच्छी सीख दी गई है।

शब्दों के अर्थ : शब्दों के अर्थ में क्लिष्ट शब्दों का अर्थ सरल उच्चारण में दिया गया है। जिससे विद्यार्थियों का शब्द ज्ञान बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

अभ्यास : मूल्यांकन हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न, मौखिक प्रश्न, लिखित प्रश्न, सही / गलत, वाक्य-पूर्ति आदि विभिन्न मूल्यपरक प्रश्न सम्मिलित किए गए हैं।

शब्दों का खेल : व्याकरणीय ज्ञान, रोचक एवं वैविध्यपूर्ण अभ्यास, व्याकरण के नियमों की व्यवस्थित जानकारी तथा व्यावहारिक प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया है।

रचनात्मक मूल्यांकन : भाषा कौशल पर आधारित विविध गतिविधियाँ सम्मिलित की गई हैं। जिसमें गहन चिंतन, रचनात्मक कौशल, वाचन / श्रवण कौशल, जीवन कौशल तथा अनुभव आधारित ज्ञान आदि गतिविधियाँ व परियोजना कार्य सम्मिलित किए गए हैं।

बहुविषयक शिक्षा : ज्ञान की एकता और अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए एक बहुविषयक दुनिया के लिए विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला, मानविकी और खेल के बीच बहुविषयक तथा समग्र शिक्षा का विकास किया गया है। जो विद्यार्थियों को बहु-विषयक शिक्षा की ओर उन्मुख करेगा।

सहयोगात्मक एवं जीवन कौशल : नैतिकता, मानवीय और संवैधानिक मूल्य; जैसे- सहानुभूति, शिष्टाचार, स्वच्छता, दूसरों के लिए सम्मान, लोकतांत्रिक भावना, सेवा-भाव, वैज्ञानिक -चिंतन, न्याय आदि की सीख दी गई है। इससे विद्यार्थियों में सहयोगात्मक एवं नेतृत्व कौशल का विकास होगा।

Nai Umang Hindi part 1 Nai Umang Hindi part 2 Nai Umang Hindi part 3
ISBN 978-81-967773-9-5 ISBN 978-81-967773-3-3 ISBN 978-81-967773-4-0
MRP  245 MRP  265 MRP  285

 

Nai Umang Hindi part 4 Nai Umang Hindi part 5 Nai Umang Hindi part 6
ISBN 978-81-967773-5-7 ISBN 978-81-967773-6-4 ISBN 978-81-967937-4-6
MRP  305 MRP  325 MRP  340

 

Nai Umang Hindi part 7 Nai Umang Hindi part 8
ISBN 978-81-967937-1-5 ISBN 978-81-967937-0-8
MRP र  360 MRP र  380